आप की भीड़ में एक विशाल, स्मारकीय कंक्रीट को देख रहे हैं, जो जंग, काई और हल्की आइवी से जीर्ण-शीर्ण है, फिर भी जहाँ कठोर सूरज की रोशनी पड़ती है, वहाँ चांदी की चमक फूट पड़ती है, समय में जमा हुआ एक प्रतिष्ठित सिनेमाई क्षण। लोग में अपनी ज़रूरतों का ध्यान रख रहे हैं।